उत्तर प्रदेशमहोबा

स्कूल में शराबी प्रधानाध्यापक और अश्लील गाने… वायरल वीडियो के बाद BSA का बड़ा एक्शन

महोबा के प्राथमिक विद्यालय टिकरी में प्रधानाध्यापक पर शराब के नशे में स्कूल चलाने का आरोप लगा। जांच में नशे की पुष्टि होने पर बीएसए ने विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी।

Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। खरेला क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय टिकरी में तैनात प्रधानाध्यापक पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं, जिन्होंने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस विद्यालय में बच्चों का भविष्य संवरना चाहिए, वहां का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका है। शिकायत के बाद हुई जांच में भी कई आरोपों की पुष्टि होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, गांव के लोगों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राहुल मिश्रा को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक लंबे समय से विद्यालय परिसर में ही रह रहे हैं और अधिकांश समय शराब के नशे में दिखाई देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल का वातावरण लगातार खराब होता जा रहा था, लेकिन पहले किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इसी बीच प्रधानाध्यापक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में वह विद्यालय के एक कमरे में लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि स्कूल में लगे टेलीविजन पर गाने चल रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि यह वीडियो स्कूल के भीतर का है और इससे विद्यालय की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

गंभीर आरोपों की बौछार

ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक बच्चों के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। इतना ही नहीं, उन पर शिक्षकों और ग्रामीणों से पैसे उधार मांगने के भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विद्यालय परिसर में देर रात तक असामाजिक तत्वों का आना-जाना रहता है और वहां शराब पीने जैसी गतिविधियां होती हैं। इससे अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है।

कड़ी कार्रवाई की मांग

यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय समय के दौरान भी प्रधानाध्यापक का पहनावा मर्यादित नहीं रहता, जिससे विद्यालय की गरिमा प्रभावित होती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति उनके व्यवहार का विरोध करता है, तो उसे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। इन आरोपों के चलते ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई और तत्काल स्थानांतरण की मांग की।

जांच में खुली पोल

मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के लिए विद्यालय भेजा। जांच के दौरान प्रधानाध्यापक कथित रूप से शराब के नशे की हालत में पाए गए। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।

ये भी पढ़ें: आशा कर्मियों का जोरदार प्रदर्शन, 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा, वेतन-संविलियन-पेंशन की उठाई मांग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »